अमरीकी मीडिया ने जिन दस्तावेज़ों का रहस्योद्धाटन किया है उनसे पता चलता है कि अमरीका ने इन देशों के विरुद्ध जिन्हें वह शत्रु समझता है, सैकड़ों साइबर आक्रमण किए हैं। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी समाचार पत्र वाशिंग्टन पोस्ट ने जो दस्तावेज़ प्राप्त किए हैं उनसे पता चलता है कि अमरीका के अधिकतर साइबर आक्रमण ईरान, रूस, चीन और उत्तरी कोरिया के विरुद्ध थे। इन दस्तावेज़ों के अनुसार अमरीकी कम्यूटर विशेषज्ञों ने जेनी genie नामक कार्यक्रम के अंतर्गत इन देशों के कम्पयूटर नेटवर्कों पर आक्रमण किए ताकि उन पर नियंत्रण कर सकें।
वाशिंगटन ने इस जासूसी कार्यक्रम पर साढ़े छह सौ मिलियन डालर का बजट लगाया है और इसे अधिक विस्तृत करना चाहता है। वाशिंग्टन पोस्ट के अनुसार अमरीकी सरकार अन्य देशों के विरुद्ध साइबर आक्रमणों को गुप्त रखती है और इनकी ज़िम्मेदारी नहीं लेती। वाशिंग्टन पोस्ट का कहना है कि यह जानकारी सीआईए के पूर्व एजेन्ट एडवर्ड स्नोडेन ने दी थी। जारी सप्ताह के दौरान स्नोडेन ने यह जानकारी उपलब्ध कराई थी कि अमरीका ने पूरी दुनिया की जासूसी के लिए एक बड़ा नेटवर्क स्थापित किया है जिन पर अरबों डालर ख़र्च आता है।